Learn CSS in Hindi (Full Course Free)

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दोस्तों आपका स्वागत है हमारे ब्रांड न्यू हिन्दी CSS कोर्स में, जिसमे हम आपको CSS शुरुवात से लेकर मास्टर लेवल तक सिखाएंगे वो भी प्रैक्टिस के साथ।

आपको बस कोर्स को अच्छे से फॉलो करना है और हमारे साथ बने रहना है, जिससे आपको हर नया ब्लॉग पोस्ट टाइम पर मिल सके।

इस CSS कोर्स में हम क्या सीखेंगे?

मार्केट में आपको बहुत सारे फ्री और पैड कोर्स मिल जाएंगे लेकिन हमारा ये कोर्स हकीकत में उनसे बहुत अड्वान्स और मदादनीय होगा।

क्युकी में इस वेब डेवलपमेंट ब्लॉग का owner खुद एक वेब डेवलपर हु, तो में आपको अच्छे से समझा पाउगा की CSS कैसे मास्टर कर सकते है।

इस कोर्स के साथ साथ आपको हर टॉपिक पर एक बहुत ही उपयोगी विडिओ मेलेगा जिस के अंदर, में खुद आपको CSS समझाउगा।


CSS क्या है? (Introduction of CSS in Hindi)

CSS का पूरा नाम “Cascading Style Sheets” है, जिसको HTML वेबपेज को डिजाइन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

अच्छी डिजाइन वाला वेबपगे दिखने में सुंदर और आकर्षीय होता है।

CSS को “December 1996” में प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद इसके अभी कुल 3 वर्ज़न आचूकें है, css1, css2 और css3.

CSS HTML वेबपेज के लिए एक वरदान जैसा है, क्युकी जब CSS का आविष्कार नहीं हुवा था उस टाइम में वेबपेज दिखने में बहुत ही साधारण और कही बार तो गंदे भी लगते थे।


CSS क्यूँ इस्तेमाल करे?

HTML को वेबपेज का कंकाल और CSS रंगरूप कहा जाता है, तो बिना रंगरूप के तो वेबपेज को देखने वाले यूजर पसंद नहीं करेंगे।

ईस मॉडर्न टाइम में लोगों को हर चीज में सुंदरता चाहिए, इस लिए हमे वेबपेज को सुंदर बनाना जरूरी है।

वेबपेज को डिजाइन करने के लिए CSS के अलग कोई और चीज काम नहीं करती।

इसीलिए वेबपेज की सुंदरता बढ़ाने के लिए CSS का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।


CSS के फायदे और नुकसान

फायदेनुकसान
वेबपेज को डिजाइन करने में उपयोगी।अच्छे से ना इस्तेमाल करने से वेबपेज दिखने में बिगड़ सकता है।
डेस्कटॉप, टैबलेट और मोबाईल में वेबपेज फ्लेक्सबल बना सकते है।वेबपेज फ्लेक्सबल(Responsive) बनाने के लिए टाइम और मेहनत भी थोड़ी ज्यादा लगती है।
ग्राहक को वेबपेज की डिजाइन पसंद आती है, जिससे revenue बढ़ता है।डेवलपर को थोड़ा ज्यादा सैलरी देनी पड़ती है।
वेबपेज देखने में मॉर्डन लगता है।टाइम के साथ यूजर की रुचि के हिसाब से डिजाइन में बदलाव करने पड़ते है।

अगले ब्लॉग में हम CSS Syntax लिखने के तरीके के बारे में सीखेंगे।

Also Read: CSS Syntax in Hindi (CSS लिखने का तरीका)


HTML CSS से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

HTML में CSS क्या है?

कैस्केडिंग स्टाइल शीट्स (सीएसएस) एक स्टाइलशीट भाषा है जिसका उपयोग HTML या XML (SVG, MathML या XHTML जैसी XML बोलियों सहित) में लिखे गए दस्तावेज़ की प्रस्तुति का वर्णन करने के लिए किया जाता है।

HTML में CSS क्या है और इसके प्रकार?

चयनकर्ता सीएसएस पहचानकर्ता हैं जो निर्दिष्ट करते हैं कि पूरे वेब पेज पर कौन से HTML घटकों को सजाना है। सीएसएस तीन प्रकार के होते हैं: बाहरी, आंतरिक और इनलाइन । बाहरी सीएसएस कमांड मुख्य HTML पृष्ठ से एक अलग फ़ाइल में लिखे गए हैं। फिर इन्हें HTML फ़ाइल में एक कमांड द्वारा प्रत्येक वेब पेज से जोड़ा जाता है।

CSS क्या है इसका क्या महत्व है?

सीएसएस 3 क्या है ( Css3 kya hai in hindi )

दोस्तों आपको तो पता होगा की Html की मदद से एक पेज का सिर्फ शरीर त्यार किया जाता है उसमे जान डालने का काम css के द्वारा किया जाता है Css ki मदद से एक वेब पेज को Backround color, Imagesize, Font Size और बहुत सी tags को color देकर उसे और भी ज्यादा आकर्षक बनाया जाता है।

सीएसएस का मतलब क्या है?

CSS का फुल फॉर्म “Cascading Style Sheet” होता है. इसे हिंदी में “काश कार्डिंग स्टाइल शीट ” कहते हैं. यह एक वेब डिजाइनिंग लैंग्वेज होता है. इसे Hakon Winum Lie ने 1994 में बनाया था एवं इसे W3C द्वारा 1996 में विकसित किया गया था.

HTML में CSS कहां लगाते हैं?

सीएसएस को हेड टैग में रखा जाना चाहिए। इस तरह DOM तत्वों को उनके दिखने के अनुसार स्टाइल किया जा सकता है। जेएस को क्लोजिंग बॉडी टैग से पहले रखा जाना चाहिए।

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